दिल्ली: हिंसा की अफ़वाह के बाद बटला हाउस इलाके में एक की मौत

दिल्ली के कई इलाकों में रविवार शाम स्थिति तनावपूर्ण होने की अपुष्ट ख़बरें सोशल मीडिया पर आने के बाद लोगों में अफ़रातफ़री का माहौल बन गया.

इस दौरान बटला हाउस इलाके में शाह मस्जिद के पास हुई कथित भगदड़ में 28 साल के एक शख़्स की मौत हो गई.

इस शख्स की मौत की पुष्टि बीबीसी से बातचीत में जामिया नगर स्थित अलशिफ़ा अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी सैय्यद मरहोब ने की. उन्होंने बताया कि हबीबुल्लाह को कुछ लोग अस्पताल लेकर आए थे तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया था.

सैय्यद मरहोब ने बताया, "उन्हें जो लोग लेकर आए थे उनके मुताबिक शाम साढ़े सात बजे से पौने आठ बजे के बीच शाह मस्जिद के पास मची भगदड़ में कॉलेप्स कर गए थे. उन्हें अनजान लोग वहां से लेकर अस्पताल आए थे. उनके मोबाइल के जरिए हमें पता चला कि वे बिहार के दरभंगा के थे. उनके परिवार वाले बिहार में ही हैं. लेकिन उनके दूर के रिश्तेदार के आने के बाद शव को पोस्टमार्ट्म के लिए एम्स ले जाया गया."

इस बारे में दिल्ली के जामिया नगर थाने के एएसआई अशोक कुमार ने बीबीसी को बताया, ''हबीबुल्लाह को तीन-चार अनजान लोगों ने अस्पताल पहुंचाया. हमें सूचना मिली तो हम वहां गए लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी. शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेजा गया है.''

हालांकि एएसआई अशोक कुमार भगदड़ की वजह से मौत होने की बात इनकार करते हैं.

उन्होंने कहा, ''वो सड़क पर अनजान लोगों को मिले थे. लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. भगदड़ की वजह से मौत की कोई सूचना हमारे पास नहीं है. जांच की जा रही है.''

उधर, अफ़वाहों के सामने आते ही दिल्ली पुलिस ने तुरंत हरक़त में आते हुए ज़मीनी स्तर पर अपने अधिकारियों को तैनात किया.

इसके कुछ समय बाद दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दिल्ली के पश्चिमी इलाके में स्थिति तनावपूर्ण होने से जुड़ी हुई ख़बरें पूरी तरह से अफ़वाह हैं.

दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि अफ़वाह फैलाने के आरोप में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर कड़ी निगाह रख रही है और जो भी लोग अफ़वाह फ़ैला रहे हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है.

पुलिस की ओर से स्पष्टीकरण आने के बाद पश्चिमी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों ने भी अपने अपने क्षेत्र की तस्वीरें और वीडियो भेजकर स्थिति सामान्य होने का दावा किया है.

दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बीबीसी संवाददाता सलमान रावी को बताया है कि कई तरह की अफ़वाहें हैं जिससे लोगों में डर पैदा हो रहा है. कहीं कुछ नहीं हुआ है.

इसी बीच दिल्ली पश्चिम ज़िला दिल्ली पुलिस ने ट्वीट करके बताया है कि पश्चिमी ज़िले में कहीं कुछ नहीं हुआ है. सभी जगह माहौल शांतिपूर्ण है.

पश्चिमी ज़िले के अतिरिक्त डीसीपी समीर शर्मा ने बीबीसी को बताया है कि कहीं से किसी तरह की हिंसा या झड़प की कोई रिपोर्ट नहीं हैं, वो स्वयं गश्त कर रहे हैं. स्थिति बिलकुल शांतिपूर्ण है.

वहीं दिल्ली पुलिस ने ट्वीट करके कहा है कि पूरी दिल्ली में शांति है. दिल्ली पुलिस की ओर से ये भी बताया जा रहा है कि उसके सभी वरिष्ठ अधिकारी अपने अपने इलाके में गश्त कर रहे हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट करके कहा कि दिल्ली में कुछ जगहों पर हिंसा की अफ़वाह फैलाई जा रही है और इस संबंध में उन्होंने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से बात की है. उन्होंने जानकारी दी है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है. किसी तरह की अफ़वाहों पर ध्यान न दें.

हालांकि इसी दौरान दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कुछ देर के लिए तिलक नगर, नांगलोई, सूरजमल स्टेडियम, बदरपुर, तुगलकाबाद, उत्तम नगर वेस्ट और नवादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए.

जिससे अफ़वाहें और तेजी से बढ़ीं लेकिन कुछ ही मिनटों में दिल्ली मेट्रो ने आधिकारिक तौर पर इन मेट्रो स्टेशन के सुचारू रूप से चलने की घोषणा की.

इससे पहले शाम में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हालात सामान्य हो रहे हैं और धारा 144 में छूट दी गई है.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंधावा ने पत्रकारों को बताया कि अभी तक कुल 254 एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी हैं और आगे भी और एफ़आईआर दर्ज की जाएंगी.

दिल्ली में 23 से 25 फ़रवरी के बीच हुए दंगों में 42 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और ढाई सौ से अधिक घायल हुए हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली में आज तीन और शव मिले हैं लेकिन दिल्ली पुलिस ने अभी इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है.

इन दंगों के दौरान बड़ी तादाद में दुकानों, घरों और वाहनों को भी नुक़सान पहुंचाया गया है.

पत्रकारों से बात करते हुए रंधावा ने कहा, "आज दंगे से संबंधित कोई पीसीआर कॉल नहीं आई है. दुकानें भी खुल रही हैं, ट्रैफ़िक सामान्य हो रहा है. 144 में भी हमने राहत दी है.

उन्होंने बताया कि अब तक 254 एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी हैं और जैसे-जैसे जांच आगे चल रही है, और भी एफ़आईआर दर्ज की जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि जो भी दोषी है उसे बख़्शा नहीं जाएगा.

दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का इस्तेमाल हुआ है. अधिकतर हताहत गोली लगने से ही हुए हैं.

रंधावा का कहना है कि अवैध हथियारों से निबटने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है. उन्होंने कहा, "एक विशेष टीम बनाई गई है जो ऑर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज कर रही है. अब तक ऑर्म्स एक्ट के तहत 41 एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी हैं."

सांप्रदायिक तनाव के माहौल में सोशल मीडिया पर भी उत्तेजक टिप्पणियां की जा रही हैं. पुलिस ऐसे लोगों पर भी नज़र रखे हुए जो सोशल मीडिया पर उत्तेजक या भ्रामक पोस्ट कर रहे हैं

रंधावा ने कहा, "सोशल मीडिया पर नज़दीकी नज़र रखी जा रही है. फ़ेक न्यूज़ या नफ़रत भरे मैसेज न करें. स्पेशल सेल ने इस संबंध में बीस एफ़आईआर दर्ज की गई हैं. हम नज़र रखे हुए हैं, आगे भी और एफ़आईआर दर्ज होंगी."

उन्होंने कहा कि शांति बहाल करने के लिए अमन कमेटी की बैठकें भी पुलिस करवा रही है. उन्होंने कहा, "अमन कमेटी की बैठकें हो रही हैं. 47 बैठकें अब तक उत्तर-पूर्व ज़िले में हो चुकी है. पूरी दिल्ली में अमन कमेटी की बैठकें चल रही हैं."

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